
Aaj Ham Simple Bhasha Me Smajenge Halal Haram Ka Fark
Aaj Ke Daur Me Musalman Haram Halal Ko Samaj Hi Nahi Paare > Isse Logo Ne Bohot Chota Gunah Samaj Liya Hai
Aaj Iss Blog Me Ham Quran Hadith Ke References Se Halal Haram Samjenge
Jaise Suar (khinjir) Ka Gosh Khana Haram Kam Hai > Aisehi 100 Haram Kam Hai Jise Aaj Musalman Bina Darr Ke Joro Shoro Se Kar Rhe Hai Aur Us Gunah Ko Haram Ka Kam Nahi Samaj Rahe > Isi Topic Par Aaj Ka Blog Hai Akhir Hame Kaise Haram Kam Se Bachna Hai Aur Wo Haram Kam Kya Kya Hai…
HALAL AND HARAM DEFINATION :
Halal = Legal (Jayaz) & Haram = Illegal (Na-Jayaz)
SABSE PAHALE HAM HALAL HARAM KYA HOTA HAI YE JAN LETE HAI..
Jin Galat Kamo Se Allah Ne Hame Mana Kiya Hai Aur wo Kam Ham Karte Hai Ye Haram Kam Ke Category Me Aate Hai..
Aur Jis Kamo Se Allah Ne Mana Nahi Kiya Hai Jin Kamo Ki Ijazat Allah Ne De Rakhi hai Wo Halal Kam Me Aate Hai.
Ab Quran Hadith Ke According Jan Lete Hai Haram Kam Kownse Hai Aur Halal Kam Kownse Hai..
Allah Ne Quran Surah Maidah Ayat 3, 4 Me Khane Peene Ko Leke Kya Halal Hai Aur Kya Haram Hai Ye Tafsir Me Bataya Hai To Iss Ayat Ka Hindi Tarjuma Mai Niche Mention Kar Raha Hu Padhe..
Surah Maidah Aayat : 3 ⬇️
(लोगों) मरा हुआ जानवर और खून और सुअर का गोश्त और जिस (जानवर) पर (ज़िबाह) के वक्त ख़ुदा के सिवा किसी दूसरे का नाम लिया जाए और गर्दन मरोड़ा हुआ और चोट खाकर मरा हुआ और जो कुएं (वगैरह) में गिरकर मर जाए और जो सींग से मार डाला गया हो और जिसको दरिन्दो ने फाड़ खाया हो मगर जिस तुमने मरने के क़ब्ल ज़िबाह कर लो और (जो जानवर) बुतों (के थान) पर चढ़ा कर ज़िबाह किया जाए और जिस े तुम (पाँसे) के तीरों से बाहम हिस्सा बॉटो (गरज़ यह सब चीज़े) तुम पर हराम की गयी है ये गुनाह की बात है (मुसलमानों) अब तो कुफ्फ़ार तुम्हारे दीन से (फिर जाने से) मायूस हो गए तो तुम उनसे तो डरो ही नही ं बल्कि सिर्फ मुझी से डरो आज मैंने तुम्हारे दीन को कामिल कर दिया और तुमपर अपनी ने अमत पूरी कर दी और तुम्हारे (इस) दीने इस्लाम को पसन्द किया पस जो शख्स भूख मे ं मजबूर हो जाए और गुनाह की तरफ़ माएल भी न हो (और कोई चीज ़ खा ले) तो ख़ुदा बेशक बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
Surah Maidah Ayat : 4 ⬇️
(ऐ रसूल) तुमसे लोग पूछते हैं कि कौन (कौन) चीज ़ उनके लिए हलाल की गयी है तुम (उनसे) कह दो कि तुम्हारे लिए पाकीज़ा चीजे हलाल की गयीं और शिकारी जानवर जो तुमने शिकार के लिए सधा रखें है और जो (तरीके) ख़ुदा ने तुम्हें बताये है ं उनमें के कुछ तुमने उन जानवरों को भी सिखाया हो तो ये शिकारी जानवर जिस शिकार को तुम्हारे लिए पकड़ रखें उसको (बेताम्मुल) खाओ और (जानवर को छोंड़ते वक्त) ख़ुदा का नाम ले लिया करो और ख़ुदा से डरते रहो (क्योंकि) इसमें तो शक ही नहीं कि ख़ुदा बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है.
Aur Janwaro Me Darinde Jo Shumar Hai Unka Khana Haram Hai >Jaise Sher (Tiger) Chita, Lomdi, Kutta, Banj Ye Sare Janwar Darindo Me Shumar Hai Jo Apne Shikar Ko Noch Fad Kar Khate Hai Aise Janwar Allah Ne Ham Par Haram Kar Diye Hai Iss Ke Muttalik Sahi Muslim Hadith No. 4996 Me Deatil Maujud Hai..

ALLAH NE KOWNSE KAM MUSALMANO KE LIYE HARAM KAR DIYE HAI..
Jisme Sabse Pahala Naam Sud (byaj) Ka Aata Hai Ise Islam Me Bohot Bada Gunah Bataya Gaya Hai > Allah Ne Quran Me Surah Baqrah Me Byaj Ko Mutallik Bataya Hai Niche Padhiye..
SURAH AL BAQRAH AYAT : 275 – 279
275 :- الَّذِينَ يَأْكُلُونَ الربو لَا يَقُومُونَ إِلَّا كَمَا يَقُومُج الَّذِي يَتَبَطَهُ الشَّيْطَنُ مِنَ الْمَسٌ ذَلِكَ بِأَنَّهُمْقَالُوا إِلَهَا الْبَيْعُ مِقْلُ الرَّبوا وَأَحَلَ اللَّهُ الْبَبْعَوَحَرَّةِ الزيراً فَمَن جَاءَهُ مَمْ عِظَةً مِن رَبِّهِاصلصلےفَأَنتَق َ فَلَهُ مَا سَلْفَ وَأَمْرُهُ إِلَى اللَّهِ وَمَنْ عَادَفَأُوثَبِكَ أَصْحَبُ النَّابِ هُمْ فِيهَا خَلِدُونَ
(जो लोग सूद खाते है ं वह (क़यामत में) खडे न हो सकेंगे मगर उस शख्स की तरह खडे होंगे जिस को शैतान ने लिपट कर मख़बूतुल हवास (पागल) बना दिया है ये इस वजह से कि वह उसके क़ायल हो गए कि जैसा बिक्री का मामला वैसा ही सूद का मामला हालाँकि बिक्री को तो खुदा ने हलाल और सूद को हराम कर दिया बस जिस शख्स के पास उसके परवरदिगार की तरफ़ से नसीहत (मुमानियत) आये और वह बाज ़ आ गया तो इस हुक्म के नाज़िल होने से पहले जो सूद ले चुका वह तो उस का हो चुका और उसका अम्र (मामला) ख़ुदा के हवाले है और जो मनाही के बाद फिर सूद ले (या बिक्री के माले को यकसा बताए जाए) तो ऐसे ही लोग जहन्नुम में रहेंगे.)
276:- يَمْحَقُ ٱللَّهُ ٱلرِّبَوٰا۟ وَيُرْبِى ٱلصَّدَقَـٰتِ ۗ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ كُلَّ كَفَّارٍ أَثِيمٍ
खुदा सूद को मिटाता है और खैरात को बढ़ाता है और जितने नाशुक्रे गुनाहगार है ंखुदा उन्हें दोस्त नही ंरखता.
277:- إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَتِ وَأَقَامُواالصَّلوَةَ وَاتَوْا النَّكَوَةَ لَهُمْ أَجْرُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْوَلا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
(हॉ) जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए और पाबन्दी से नमाज ़ पढ़ी और ज़कात दिया किये उनके लिए अलबत्ता उनका अज्र व (सवाब) उनके परवरदिगार के पास है और (क़यामत में) न तो उन पर किसी क़िस्म का ख़ौफ़ होगा और न वह रन्जीदा दिल होंगे.)
278:-أَيُّهَا الَّذِينَ امَنُوا أَتَّقُوا اللَّهَ وَذَرُوا مَا بَقِى مِنَالرَّبَوْا إِن كُنتُم مُؤْمِنِينَ
(ऐ ईमानदारों खुदा से डरो और जो सूद लोगों के ज़िम्मे बाक़ी रह गया है अगर तुम सच्चे मोमिन हो तो छोड़ दो.)
279:- فَإِن لَّمْ تَفْعَلُوا۟ فَأْذَنُوا۟ بِحَرْبٍۢ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ ۖ وَإِن تُبْتُمْ فَلَكُمْ رُءُوسُ أَمْوَٰلِكُمْ لَا تَظْلِمُونَ وَلَا تُظْلَمُونَ
(और अगर तुमने ऐसा न किया तो ख़ुदा और उसके रसूल से लड़ने के लिये तैयार रहो और अगर तुमने तौबा की है तो तुम्हारे लिए तुम्हारा असल माल है न तुम किसी का ज़बरदस्ती नुकसान करो न तुम पर ज़बरदस्ती की जाएगी)
Aisehi Kisika Paisa Zut Bolke Khana > Kisiko Dhokha Dena Ye Bhi Bohot Bade Gunah Hai Aur Haram Kam Hai..
BUKHARI SHAREEF HADITH NO. 3198 Iss Hadith Me Rasool Allah Salallahu Aliyiwah Sallam Ne Farmaya Jis Kisi Ne Kisiki 1 Balisht Zamin Mari Yani 9 Inch Zamin Daba Li To Apne Farmaya 7 Zamino Ka Tok Uske Gardan Me Dala Jayenga {Allah Hame Iss Gunah Se Bachaye} Ye Puri Hadith Niche Di Gayi Hai Padhiye..
BUKHATI Hd. No. 3198 :- अरवा-बिन्ते-अबी-औस से उन का एक (ज़मीन के) बारे में झगड़ा हुआ। जिसके मुताल्लिक़ अरवा कहती थी कि सईद ने मेरी ज़मीन छीन ली। ये मुक़द्दमा मरवान ख़लीफ़ा के यहाँ फ़ैसले के लिये गया जो मदीने का हाकिम था। सईद (रज़ि०) ने कहा, भला क्या मैं उनका हक़ दबा लूँगा मैं शहादत देता हूँ कि मैंने रसूलुल्लाह (सल्ल०) को ये फ़रमाते सुना है कि जिसने एक बालिश्त ज़मीन भी, ज़ुल्म से किसी की दबा ली तो क़ियामत के दिन सातों ज़मीनों का तौक़ उसकी गर्दन मैं डाला जाएगा। इब्ने-अबी-ज़िनाद ने बयान किया उनसे हिशाम ने उनसे उन के वालिद ने बयान किया और उन से सईद-बिन-ज़ैद (रज़ि०) ने बयान किया कि मैं नबी करीम (सल्ल०) की ख़िदमत में मौजूद थे (तब आप (सल्ल०) ने ये हदीस बयान फ़रमाई थी)।
Nyaj Nazrane Ye Sab Allah Ke Liye Khas Hai Ye Kisi Bujurg Baba Ke Nam Se Karna Haram Hai
Jua Khelna Satta Lagana Paiso Ka Khel Ye Sab Haram Kam hai Inse Hame Bachna Chahiye..
BOLI WALI BISI (BOLI WALI COMMITTEE)
Aisehi Aaj Muashre Me 1 Haram Chiz Chal Padi Hai Jise Log Paiso Ki Committee Yani Boli Wali BISI Boli Jati Hai Iss BISI Me Shurwat Me paisa Uthane Par Paisa Cut Kar Kam Hoke Milta Hai Aur Aisehi Akhir Me Uthane Wale Ko Paisa Badh Ke Yani Jyada Paisa Milta Hai Ye 1 Byaj Ki Shaql Hai Isiliye Iss BISI Se Bachna Chahiye > Haa Isi Me Number Wali BISI Hoti Hai Jisme Saare Logo Ko Paisa Barabar Milta Hai Wo BISI Halal Hai To Iss Bat Pe Hame Dhyan Dena Chahiye..
Ham Jo Bhi Kam Karte Hai Hame Ye Dekh Lena Chahiye Ki Wo Haram Hai Uski Tahkik Kar Leni Chahiye Allah Hame Mahfooz Rakhe > Aur Halal Haram Ki Tamiz Ki Taufik De.. Ameen..
